
अलंकार सरगम
Keyboard & Harmonium
आरोही : स रे ग म प ध नि संअवरोही : सं नि ध प म ग रे स
संगीत - अलंकार की परिभाषा :
संगीत रत्नाकर के अनुसार, नियमित वर्ण समूह को अलंकार कहते हैं। सरल शब्दों में, स्वरों के नियमानुसार चलन को अलंकार कहते हैं। अलंकारों को बहुत से लोग पलटा भी कहते हैं। अलंकार, संगीत के अभ्यास का प्रथम चरण होतें हैं।अलंकारों में कई कडियां होती है,जो आपस में एक दूसरे से जुड़ी रहती हैं ।
अलंकारों की रचना में- प्रत्येक अलकार मे मध्य सप्तक के { सा} से तार सप्तक के {सां } तक आरोही वर्ण होता है जैसे- "सारेग,रेगम,गमप,मपध,पधनी,धनीसां" व तार सप्तक के {सां} से मध्य सप्तक के { सा} तक अवरोही वर्ण होता है जैसे- "सांनिध,निधप,धपम,पमग,मगरे,गरेसा" । और अन्य उदाहरण मे आरोही व अवरोही वर्ण साथ मे देखें..
आरोही : स रे ग म प ध नि सं
Lesson 22 - अध्याय 22
आरोही अवरोही
सम संप
रेप निम
गध धग
मनि परे
पसं मस
आरोही - सम रेप गध मनि पसं
अवरोही - संप निम धग परे मस
Lesson 23 - अध्याय 23
आरोही अवरोही
समम संपप
रेपप निमम
गधध धगग
मनिनि परेरे
पसंसं मसस
आरोही - समम रेपप गधध मनिनि पसंसं
अवरोही - संपप निमम धगग परेरे मससLesson 24 - अध्याय 24
आरोही अवरोही
समरेप संपनिम
रेपगध निपधग
गधमनि धगपरे
मनिपसं परेमस
आरोही - समरेप रेपगध गधमनि मनिपसं
अवरोही - समरेप रेपगध गधमनि मनिपसं
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