
अलंकार सरगम
Keyboard & Harmonium
आरोही : स रे ग म प ध नि संअवरोही : सं नि ध प म ग रे स
संगीत - अलंकार की परिभाषा :
संगीत रत्नाकर के अनुसार, नियमित वर्ण समूह को अलंकार कहते हैं। सरल शब्दों में, स्वरों के नियमानुसार चलन को अलंकार कहते हैं। अलंकारों को बहुत से लोग पलटा भी कहते हैं। अलंकार, संगीत के अभ्यास का प्रथम चरण होतें हैं।अलंकारों में कई कडियां होती है,जो आपस में एक दूसरे से जुड़ी रहती हैं ।
अलंकारों की रचना में- प्रत्येक अलकार मे मध्य सप्तक के { सा} से तार सप्तक के {सां } तक आरोही वर्ण होता है जैसे- "सारेग,रेगम,गमप,मपध,पधनी,धनीसां" व तार सप्तक के {सां} से मध्य सप्तक के { सा} तक अवरोही वर्ण होता है जैसे- "सांनिध,निधप,धपम,पमग,मगरे,गरेसा" । और अन्य उदाहरण मे आरोही व अवरोही वर्ण साथ मे देखें..
आरोही : स रे ग म प ध नि सं
Lesson 19 - अध्याय 19
आरोही अवरोही
सगप संधम
रेमध निपग
गपनि धगरे
मधसं पगस
आरोही - सगप रेमध गपनि मधसं
अवरोही - संधम निपग धगरे पगस
Lesson 20 - अध्याय 20
आरोही अवरोही
सगपरेमध संधमनिपग
रेमधगपनि निपगधमरे
गपनिमधसं धमरेपगस
आरोही - सगपरेमध रेमधगपनि गपनिमधसं
अवरोही - संधमनिपग निपगधमरे धमरेपगस
Lesson 21 - अध्याय 21
आरोही अवरोही
सगपरेमधगपनि संधमनिपगधमरे
रेमधगपनिमधसं निपगधमरेपगस
आरोही - सगपरेमधगपनि रेमधगपनिमधसं
अवरोही - संधमनिपगधमरे निपगधमरेपगस
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