
अलंकार सरगम
Keyboard & Harmonium
आरोही : स रे ग म प ध नि संअवरोही : सं नि ध प म ग रे स
संगीत - अलंकार की परिभाषा :
संगीत रत्नाकर के अनुसार, नियमित वर्ण समूह को अलंकार कहते हैं। सरल शब्दों में, स्वरों के नियमानुसार चलन को अलंकार कहते हैं। अलंकारों को बहुत से लोग पलटा भी कहते हैं। अलंकार, संगीत के अभ्यास का प्रथम चरण होतें हैं।अलंकारों में कई कडियां होती है,जो आपस में एक दूसरे से जुड़ी रहती हैं ।
अलंकारों की रचना में- प्रत्येक अलकार मे मध्य सप्तक के { सा} से तार सप्तक के {सां } तक आरोही वर्ण होता है जैसे- "सारेग,रेगम,गमप,मपध,पधनी,धनीसां" व तार सप्तक के {सां} से मध्य सप्तक के { सा} तक अवरोही वर्ण होता है जैसे- "सांनिध,निधप,धपम,पमग,मगरे,गरेसा" । और अन्य उदाहरण मे आरोही व अवरोही वर्ण साथ मे देखें..
आरोही : स रे ग म प ध नि सं
Lesson 25 - अध्याय 25
आरोही अवरोही
समरेपगध संपनिमधग
रेपगधमनि निमधगपरे
गधमनिपसं धगपरेमस
आरोही - समरेपगध रेपगधमनि गधमनिपसं
अवरोही - संपनिमधग निमधगपरे धगपरेमस
Lesson 26 - अध्याय 26
आरोही अवरोही
समरेपगधमनि संपनिमधगपरे
रेपगधमनिपसं निमधगपरेमस
आरोही - समरेपगधमनि रेपगधमनिपसं
अवरोही - संपनिमधगपरे निमधगपरेमस
Lesson 27 - अध्याय 27
आरोही अवरोही
सप संम
रेध निग
गनि धरे
मसं पस
आरोही - सप रेध गनि मसं
अवरोही - संम निग धरे पस
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............THE END............


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