संगीत सीखनें वाले विद्यार्थीयों के लिए एक विशेष प्रश्न जो अक्सर पूछा जाने वाला प्रश्न है -
प्रत्येक संगीतकार जो संगीत सीखना चाहता है अर्थात जो गाना गाने की इच्छा रखता है उसे अक्सर इन सवालो से होकर गुजरना पडता है। कि संगीत में निपुणता कैसे हासिल किया जाय, आखिर ऐसा क्या करें जिससे जल्दी - जल्दी संगीत का ज्ञान हो जाए अतव् संगीत के स्वरो का ज्ञान सीखने की इच्छा सबको बहोत जल्दी से सीखना होता है।
तो दोस्तो आज हम इसी टॉपिक पर बात करेंगें कि संगीत अर्थात गाना गाने के लिए गले का रियाज कैसे करें और सबसे सरल तरीका या उपाय क्या है गला ठीक करने का जिससे संगीत को आसानी से समझा जा सकें।
देखिए ऐसे तो आपको बहोत से तरीके पता भी होगें शायद लेकिन सबसे अच्छा तरीका है - हारमोनियम जो कि अत्यंत ही लाभकारी सिद्ध हुआ है खासकर भारतीय संगीतकारो के लिए। क्योकिं भारतीय संगीत इस प्रकार का संगीतशास्त्र है जिसमें गाले से सुरो को अत्यंत ही बारीकी से समझा एंव सुना जाता है जिसे संगीत की सच्ची कलाकारी कहते है।
कहने का तात्पर्य यह है कि जो सुर हारमोनियम को बजाने से हारमोनियम के द्वारा निकलते है, एकदम उसी प्रकार आपके गले से भी स्वर निकलने चाहिए जिसे हम पक्के सुर का संगीतकार कहते है।
जब हारमोनियम और आपका गला एक जैसे आवाज मिलने लगे तब आप एक अच्छे सिंगर कि श्रेणीं में आ सकते है, लेकिन जब आप का गला पक जाएगा और जब आप बिना हारमोनियम का प्रयोग किये अपने गले से एकदम हारमोनियम जैसे स्वर निकालने में सफल हो जाते है तब आप एक महान संगीतकार की श्रेणी में पहुच जाते है।
यही संगीत का महत्व है और एक अच्छे संगीतकार की निशानी जो कि अत्यंत मेहनत करने के बाद हासिल किया जा सकता है।
।। इन्सान होना भाग्य की बात है और संगीतकार होना सौभाग्य की बात है।।
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