राग - दरबारी सरगम गीत
आरोह : स रे ग_ म प ध_ नि_ सं
अवरोह : सं नि_ ध_ प म ग_ रे स
सरगम गीत
स्थाई :
नि़_स रेरे रेस रेप ग_ ग_म रेरेस
मममम पप पमनि_प ग_ग गम रेरेस
अंतरा :
ममप ध_ध_ नि_नि_ सं संसं रेनि_सं
रेंरेंरेंरें रेंरें संसं नि_सं ग_सं ध_ध_प
ममप सं नि_प ग_म पम ग_रेस
दरबारी राग आधारित गानें
👉मेरे महबूब कयामत होगी
👉ये दुनिया ये महफिल मेरे काम की नहीं
👉देखा है पहली बार साजन की आँखों में प्यार
👉बहोत प्यार करते है तुमको सनम
👉दुल्हे का सेहरा सुहाना लगता है
👉दिल के अरमा आंसुओ में बह गये
👉सत्यम शिवम सुंदरम
👉तु प्यार का सागर है



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