
राग - बिलावल
!! DETAILS !!
आरोह - स, रे, ग, म, प, ध, नि, सं
अवरोह - सं, नि, ध, प, म, ग, रे, स
पकड़ - गमरे, गपध, निसं
थाट - बिलावल
वादी - ध
समवादी - ग
जाति - संपूर्ण - संपूर्ण
समय - दिन का प्रथम प्रहर (06 - 09 AM)
चलन - ग रे, ग म ध प, म ग, म रे स
ग रे ग प, नि ध नि सं
सं नि ध प ग म रे स
राग - बिलावल में सभी स्वर शुद्ध होते है। गानो की सुंदरता बढाने के लिए आप अलग से कोई भी कोमल स्वर का प्रयोग कर सकते है, गाने के आधार पर, राग बिलावल में सरगम गीत बजाने के लिए आप इस पेज पर क्लिक करें राग बिलावल सरगम गीत ।
राग इस राग के गानो को बजाना सबसे आसान होता है इसलिए संगीत सीखाते समय सबसे पहले राग बिलावल के बारे में बताया जाता है। जिससे कि विद्यार्थी को जल्दी और ज्यादा समझ में आये।
इस राग में सभी स्वर शुद्ध होते है। रियाज करने के लिए इसी राग का प्रयोग किया जाता है। बात करे तो इसी राग से संगीत का प्रारम्भ होता है। जैसे - रियाज करने के लिए, ज्यादातर सिंगर पहली काली स से ही रियाज करते है।


yes i do
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