
अलंकार सरगम
Keyboard & Harmonium
आरोह : स रे ग म प ध नि संअवरोही : सं नि ध प म ग रे स
अलंकार की परिभाषा :
संगीत रत्नाकर के अनुसार, नियमित वर्ण समूह को अलंकार कहते हैं। सरल शब्दों में, स्वरों के नियमानुसार चलन को अलंकार कहते हैं। अलंकारों को बहुत से लोग पलटा भी कहते हैं। अलंकार, संगीत के अभ्यास का प्रथम चरण होतें हैं।अलंकारों में कई कडियां होती है,जो आपस में एक दूसरे से जुड़ी रहती हैं ।
अलंकारों की रचना में- प्रत्येक अलकार मे मध्य सप्तक के { सा} से तार सप्तक के {सां } तक आरोही वर्ण होता है जैसे- "सारेग,रेगम,गमप,मपध,पधनी,धनीसां" व तार सप्तक के {सां} से मध्य सप्तक के { सा} तक अवरोही वर्ण होता है जैसे- "सांनिध,निधप,धपम,पमग,मगरे,गरेसा" । और अन्य उदाहरण मे आरोही व अवरोही वर्ण साथ मे देखें....
आरोह : स रे ग म प ध नि सं
Lesson 07 - अध्याय 07
आरोही अवरोही
सस संसं
रेरे निनि
गग धध
मम पप
पप मम
धध गग
निनि रेरे
संसं सस
Lesson 08 - अध्याय 08
आरोही अवरोही
सरे संनि
रेग निध
गम धप
मप पम
पध मग
धनि गरे
निसं रेस
Lesson 09 - अध्याय 09
आरोही
स स स स स स स स
रे रे रे रे रे रे रे रे
ग ग ग ग ग ग ग ग
म म म म म म म म
प प प प प प प प
ध ध ध ध ध ध ध ध
नि नि नि नि नि नि नि नि
सं सं सं सं सं सं सं सं
अवरोही
सं सं सं सं सं सं सं सं
नि नि नि नि नि नि नि नि
ध ध ध ध ध ध ध ध
प प प प प प प प
म म म म म म म म
ग ग ग ग ग ग ग ग
रे रे रे रे रे रे रे रे
स स स स स स स स


Mai aapke is website se bahut kuchh sikha hu bahut bahut dhanyvad sar aapko
ReplyDeleteThanks for your compliments dear...!!
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