
अलंकार सरगम
Keyboard & Harmonium
आरोही : स रे ग म प ध नि संअवरोही : सं नि ध प म ग रे स
अलंकार की परिभाषा :
संगीत रत्नाकर के अनुसार, नियमित वर्ण समूह को अलंकार कहते हैं। सरल शब्दों में, स्वरों के नियमानुसार चलन को अलंकार कहते हैं। अलंकारों को बहुत से लोग पलटा भी कहते हैं। अलंकार, संगीत के अभ्यास का प्रथम चरण होतें हैं।अलंकारों में कई कडियां होती है,जो आपस में एक दूसरे से जुड़ी रहती हैं ।
अलंकारों की रचना में- प्रत्येक अलकार मे मध्य सप्तक के { सा} से तार सप्तक के {सां } तक आरोही वर्ण होता है जैसे- "सारेग,रेगम,गमप,मपध,पधनी,धनीसां" व तार सप्तक के {सां} से मध्य सप्तक के { सा} तक अवरोही वर्ण होता है जैसे- "सांनिध,निधप,धपम,पमग,मगरे,गरेसा" । और अन्य उदाहरण मे आरोही व अवरोही वर्ण साथ मे देखें....
आरोही : स रे ग म प ध नि सं
Lesson 10 - अध्याय 10
आरोही अवरोही
सरेगमपध संनिधपमग
रेगमपधनि निधपमगरे
गमपधनिसं धपमगरेस
आरोही - सरेगमपध रेगमपधनि गमपधनिसं
अवरोही - संनिधपमग निधपमगरे धपमगरेस
Lesson 11 - अध्याय 11
आरोही अवरोही
सरेगमपधनि संनिधपमगरे
रेगमपधनिसं निधपमगरेस
आरोही - सरेगमपधनि रेगमपधनिसं
अवरोही - संनिधपमगरे निधपमगरेस
Lesson 12 - अध्याय 12
आरोही अवरोही
सरेगमपधनिसं संनिधपमगरेस
आरोही - सरेगमपधनिसं
अवरोही - संनिधपमगरेस
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