आरती, जय गणेश देवा - सरगम
जय गणेश, जय गणेश,
स सरेरे ग, गगग,
जय गणेश देवा।
ग, गमग, रेगरे
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।
नि़ नि़ सस रेरेरे गग रेरे सस
एकदंत, दयावन्त,
सस, गग, पपपप
चार भुजाधारी,
मप, मप, मग
माथे सिन्दूर सोहे,
सग, म, पम, पप
मूस की सवारी।
मप, म पमग
पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा,
सस, रेरे, ग, गगग, गम, गम, रेगरे
लड्डुअन का भोग लगे, सन्त करें सेवा।। ..
नि़ नि़ सस रेरेरे गग रेरे सस
जय गणेश, जय गणेश,
स सरेरे ग, गगग,
जय गणेश देवा।
ग, गमग, रेगरे
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।
नि़ नि़ सस रेरेरे गग रेरे सस
नोट- उपरोक्त दिये गये सरगम को पूरा आरती के लय में बजाएं।
जय गणेश देवा - आरती
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।
एकदंत, दयावन्त, चार भुजाधारी,
माथे सिन्दूर सोहे, मूस की सवारी।
पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा,
लड्डुअन का भोग लगे, सन्त करें सेवा।। ..
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया,
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया।
'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।।
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा ..
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो जय बलिहारी।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।
एकदंत, दयावन्त, चार भुजाधारी,
माथे सिन्दूर सोहे, मूस की सवारी।
पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा,
लड्डुअन का भोग लगे, सन्त करें सेवा।। ..
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया,
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया।
'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।।
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा ..
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो जय बलिहारी।
।। इन्सान होना भाग्य की बात है और संगीतकार होना सौभाग्य की बात है।।
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