राग- शिवरंजनी | Details | Sargam Geet, Aalaap | आरोह - अवरोह राग शिवरंजनी विस्तार ज्ञान, Harmonium - Shekhar Music Academy
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संगीत- गायन, वादन, सुर, लय, ताल, थाट, राग, सरगम, पकड़, आलाप, बंदिश, सरगम गीत, INDIAN & WESTERN PATTERNS

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05 May 2020

राग- शिवरंजनी | Details | Sargam Geet, Aalaap | आरोह - अवरोह राग शिवरंजनी विस्तार ज्ञान, Harmonium


राग - शिवरंजनी


थाट - काफी 
स्वर : मध्यम व निषाद वर्ज्य, गंधार कोमल। शेष शुद्ध स्वर।
जाति : औढव - औढव
थाट : काफी
वादी/संवादी : पंचम/षड्ज
समय : मध्य रात्रि
विश्रांति स्थान : प; सा'; - सा'; प;
मुख्य अंग : रे ग१ प ; ध प ग१ रे ; ग१ सा रे ध सा 

आरेह :- स रे ग_ प ध सं
अवरोह :- सं ध प ग_ रे स
पकड़:- सरेग_प ग_रेसध़ रेस

विशेष - यह बहुत ही मधुर राग है। राग भूपाली में गंधार शुद्ध न लेते हुए गंधार कोमल लगाया जाये तो राग शिवरंजनी हो जाता है। यह स्वर संगतियाँ राग शिवरंजनी का रूप दर्शाती हैं -

सा रे ग१ प ; ध प ग१ रे ; ग१ सा रे ,ध सा ; रे ग१ प ध प ध सा' ; ध सा' ध प ग१ रे ; प ध प ग१ रे ; ग१ रे ग१ सा रे ,ध सा ;


सरगम गीत:  
_रे सरे सध़ सरे ग_रे सरेस 
_रे ग_पधसं पसंधप ग_रेस
_प संध सं संसं धरेसं
संरेंगं_रेंसंरेंसंध पसंधप ग_रेस 

आलाप:
प़ध़सरेग_रे -- सरेग_
प़ध़सरे सध़ प़ध़रे
_रेसध़रेस
सरेग_प ग_रेसरे
__पधसं धप ग_
पधपधरेंगं_रेंसंधरेंसं




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