
अलंकार सरगम
Keyboard & Harmonium
अलंकार की परिभाषा :
संगीत रत्नाकर के अनुसार, नियमित वर्ण समूह को अलंकार कहते हैं। सरल शब्दों में, स्वरों के नियमानुसार चलन को अलंकार कहते हैं। अलंकारों को बहुत से लोग पलटा भी कहते हैं। अलंकार, संगीत के अभ्यास का प्रथम चरण होतें हैं।अलंकारों में कई कडियां होती है,जो आपस में एक दूसरे से जुड़ी रहती हैं ।
अलंकारों की रचना में- प्रत्येक अलकार मे मध्य सप्तक के { सा} से तार सप्तक के {सां } तक आरोही वर्ण होता है जैसे- "सारेग,रेगम,गमप,मपध,पधनी,धनीसां" व तार सप्तक के {सां} से मध्य सप्तक के { सा} तक अवरोही वर्ण होता है जैसे- "सांनिध,निधप,धपम,पमग,मगरे,गरेसा" । और अन्य उदाहरण मे आरोही व अवरोही वर्ण साथ मे देखें....
आरोह : स रे ग म प ध नि सं
Lesson 04 - अध्याय 04
आरोही अवरोही
सरेगम संनिधप
रेगमप निधपम
गमपध धपमग
मपधनि पमगरे
पधनिसं मगरेस
Lesson 05 - अध्याय 05
आरोही अवरोही
सरेगमप संनिधपम
रेगमपध निधपमग
गमपधनि धपमगरे
मपधनिसं पमगरेस
Lesson 06 - अध्याय 06
आरोही
स
सरेस
सरग रेस
सरेगम गरेस
सरेगमप मगरेस
सरेगमपध पमगरेस
सरेगमपधनि धपमगरेस
सरेगमपधनिसं निधपमगरेस
अवरोही
सं
संनि सं
संनिध निसं
संनिधप धनिसं
संनिधपम पधनिसं
संनिधपमग मपधनिसं
संनिधपमगरे गमपधनिसं
संनिधपमगरेस रेगमपधनिसं


Bhai alnkaron ki kitni number hote hai our kya pure alnkar yad krne pdte hai .
ReplyDeleteMaine bhut alnkaron ko bja leta hu par mujh bani yad nhi hai to kya yad krna jruri hai.
Agar hai to kyu