राग - देश
स्वर लिपि
स्वर : आरोह में गन्धार, धैवत वर्ज्य। निषाद दोनों। शेष शुद्ध स्वर।
जाति : औढव - सम्पूर्ण वक्र
थाट : खमाज
वादी : रिषभ
संवादी : पंचम
समय : रात्रि का दूसरा प्रहर
विश्रांति स्थान : रे प नि सं - सं प रे
विश्रांति स्थान : रे प नि सं - सं प रे
आरोह : नि़ स रे, मप, नि सं या स रे म प नि सं
अवरोह : सं नि_ ध प, ध म ग रे, ग नि़ स
अवरोह : सं नि_ ध प, ध म ग रे, ग नि़ स
मुख्य अंग : ध म ग रे ग , नि स रे म प नि सं रें नि_ ध प
विशेष : यह बहुत ही मधुर राग है और ध म ग रे; ग ,नि सा; इन स्वरों से पहचाना जाता है। इस राग में षड्ज-मध्यम और षड्ज-पंचम भाव होने से यह बहुत ही कर्णप्रिय है।
यह स्वर संगतियाँ राग देस का रूप दर्शाती हैं - रे रे म ग रे ; ध प नि१ ध प ; रे' रे' म' ग' रे' ; ग' नि सा' ; ध म प; नि नि नि सा'
जागरण के लिए - आवाहन
यह स्वर संगतियाँ राग देस का रूप दर्शाती हैं - रे रे म ग रे ; ध प नि१ ध प ; रे' रे' म' ग' रे' ; ग' नि सा' ; ध म प; नि नि नि सा'
जागरण के लिए - आवाहन
F F# G#,
G# F# F F# G# B (C#)---x5 {कण स्वर 5 बार}
B G#
G# B C# F, D# F F#,
F F# G# F# E D# C#,
C# E D# C# B A A# G# F# F
If you need hindi sargam of this Aawahan, So please go to my post and find western to indian notation post.
आधारित गानें राग - देश
आधारित गानें राग - देश
👉 कजरा मोहब्बत वाला
👉 कभी राम बनके कभी श्याम बनके
👉 आज कल कुछ याद रहता नही



Aaj kal yaad kuchh.....ye gana raag kirwani par aadharit hai
ReplyDelete